राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने न्यूज़ एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि अकेले अग्निवीर पूरी आर्मी कभी नहीं होंगे, अग्निवीर सिर्फ पहले 4 साल में भर्ती किए गए जवान होंगे, बाकी सेना का बड़ा हिस्सा अनुभवी लोगों का होगा. जो अग्निवीर नियमित होंगे (4 साल बाद) उन्हें घनिष्ठ ट्रेनिंग दी जाएगी.
नई दिल्ली. देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना पर बड़ा बयान दिया है. न्यूज एजेंसी एएनाई को दिये गए इंटरव्यू में उन्होंने अग्निपथ योजना पर कई सारी बातें कही हैं. उन्होंने कहा कि जो हम कल कर रहे थे अगर वही भविष्य में भी करते रहे तो हम सुरक्षित रहेंगे ये जरूरी नहीं। यदि हमें कल की तैयारी करनी है तो हमें परिवर्तित होना पड़ेगा। आवश्यक इसलिए था क्योंकि भारत में, भारत के चारों तरफ माहौल बदल रहा है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज भारत में बनी AK-203 के साथ नई असॉल्ट राइफल को सेना में शामिल किया जा रहा है. यह दुनिया की सबसे अच्छी असॉल्ट राइफल है। सैन्य उपकरणों में बहुत प्रगति की जा रही है.

NSA अजीत डोभाल ने आगे कहा कि पिछले 8 सालों में स्ट्रक्चरल सुधार बहुत सारे हुए हैं। 25 साल से CDS का मुद्दा पड़ा हुआ था. राजनीतिक इच्छाशक्ति न होने के कारण इसको अमल में नहीं लाया जा सका था. आज हमारे डिफेंस एजेंसी की अपनी स्पेस की स्वतंत्र एजेंसी है. रेजिमेंट के सिद्धांत के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, जो रेजिमेंट हैं वे रहेंगी. अकेले अग्निवीर पूरी आर्मी कभी नहीं होंगे, अग्निवीर सिर्फ पहले 4 साल में भर्ती किए गए जवान होंगे. बाकी सेना का बड़ा हिस्सा अनुभवी लोगों का होगा. जो अग्निवीर नियमित होंगे (4 साल बाद) उन्हें घनिष्ठ ट्रेनिंग दी जाएगी. अजीत डोभाल ने इंटरव्यू में कहा कि बदलते समय के साथ सेना में बदलाव जरूरी है. इसे एक नजरिये से देखने की जरूरत है. अग्निपथ अपने आप में एक स्टैंडअलोन योजना नहीं है.

यह एक समस्या है, इससे हम प्रभावी रूप से निपट रहे हैं। 2019 के बाद से कश्मीर के लोगों की सोच में बदलाव आया है, वे अब पाकिस्तान और आतंकवाद के पक्ष में नहीं है. कुछ युवा गुमराह हैं, कुछ आतंकी संगठन अभी भी सक्रिय हैं, हम उनसे लड़ रहे हैं.
अगर हमें अपने हित की सुरक्षा करनी है तो हम फैसला करेंगे कि हमें कब, किसके साथ, किस आधार पर शांति स्थापित करनी है…हम पाकिस्तान सहित अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं परन्तु आतंकवाद के लिए सहिष्णुता नही है.

इसके साथ ही अजित डोभाल ने कहा इसमें दो तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं, एक तो वे हैं जिन्हें चिंता है, उन्होंने देश की सेवा भी की है..य जब भी कोई बदलाव आता है कुछ चिंताएं उसके साथ आती हैं। हम इसे समझ सकते हैं। जैसे-जैसे उन्हें पूरी बात का पता चल रहा है वे समझ रहे हैं.