लखनऊ।देश में आखिरी आधिकारिक जनगणना 2011 में हुई थी। 2021 की जनगणना अभी तक जारी नहीं की गई है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियां समय-समय पर जनसंख्या के अनुमान जारी करती हैं।ताजा अनुमान के मुताबिक मार्च 2025 तक भारत की जनसंख्या 1.45 से 1.46 अरब के बीच हो सकती है।देश में तो कई धर्मों के लोग मिल-जुल के रहते हैं।आइए जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में कौन से ऐसे जिले हैं जहां मुस्लिम सबसे अधिक हैं।पिछली जनगणना के हिसाब से यूपी में कुल मिलाकर लगभग 20 करोड़ लोग थे,जिनमें से लगभग 3 करोड़ 84 लाख मुस्लिम थे।मतलब पूरे यूपी की आबादी में मुस्लिमों का हिस्सा लगभग 19.26फीसदी था।
बढ़ सकती है जनसंख्या
यूपी के कुछ जिलों में मुस्लिम आबादी 50 फीसदी से अधिक है।खासकर संभल,मुरादाबाद और रामपुर में। 2025 तक इन जिलों में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत और बढ़ सकता है, लेकिन इसकी सही जानकारी 2021 की जनगणना के जारी होने के बाद ही मिलेगी।
पहले नंबर पर कौन सा जिला
अगर जिलों की बात की जाए तो मुस्लिम आबादी का सबसे ज्यादा प्रतिशत संभल जिले में है,हालांकि संभल 2012 में मुरादाबाद से अलग होकर नया जिला बना था,इसलिए 2011 में संभल का अलग से डेटा नहीं था। 2011 के अनुमान के मुताबिक संभल में 60-70 फीसदी मुस्लिम आबादी है।
क्या कहते हैं डेमोग्राफिक स्टडी के एक्सपर्ट
सेटर फॉर आवजेक्टिव रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डायरेक्टर अतहर हुसैन कहते हैं कि इस वक्त संभल लोकसभा सीट ही यूपी में ऐसी कांस्टिट्यूसी है जहां मुसलमान सबसे ज्यादा हैं। कहा जा सकता है कि ये मुस्लिम बहुल सीट है,जहां मुसलमानों की हिस्सेदारी आधे से ज्यादा है।अतहर कहते हैं कि चंदौसी जिला बनने के बाद परसेंटेंज वाइज मुसलमानों की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाला जिला भी हो गया है।बता दें कि अतहर हुसैन डेमोग्राफिक स्टडी के भी जानकार माने जाते हैं। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक युसूफ अंसारी भी कहते हैं कि पहले रामपुर में मुसलमानों की हिस्सेदारी ज्यादा थी, लेकिन अब संभल ही वो जिला है जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है।
बाकी जिलों का हाल
2011 की जनगणना के अनुसार यूपी में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला जिला मुरादाबाद-50.82फीसदी मुस्लिम,रामपुर-50.57फीसदी मुस्लिम,बिजनौर-43.03फीसदी मुस्लिम,सहारनपुर-41.95फीसदी मुस्लिम (शामली अलग होने से पहले)मुजफ्फरनगर-41.30फीसदी मुस्लिम (शामली अलग होने से पहले)
वृद्धि दर
बता दें कि मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर 24.6फीसदी थी।हिंदू जनसंख्या वृद्धि दर 16.8फीसदी थी,जबकि कुल जनसंख्या वृद्धि दर 20.2फीसदी थी।अगर यही ट्रेंड 2011 से 2025 तक जारी रहा तो मुस्लिम आबादी की संख्या और फीसदी थोड़ा बढ़ सकती है,हालांकि 2001-2011 के मुकाबले यह वृद्धि दर थोड़ी कम होने की संभावना है।
भारत में मुस्लिम जनसंख्या
2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 121.09 करोड़ (1,210,854,977) थी,जिसमें मुस्लिम जनसंख्या 17.22 करोड़ (172,245,158) थी, जो कुल जनसंख्या का 14.2फीसदी है।ये डेटा भारत में मुसलमानों को दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक आबादी के रूप में स्थापित करता है, जो हिंदुओं (79.8%) के बाद है।