Earthquake hits Myanmar: गृहयुद्ध की त्रास्दी झेल रहे भारत के पड़ोसी देश में आज बड़ी प्राकृतिक विपदा आई है। देश में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। अभी तक जो रिपोर्टें आई हैं उनसे पता चलता है कि इमारतें ढह गई हैं, सड़कें टूट गई हैं और पुल गिर गए हैं। इस शक्तिशाली भूकंप के झटके चीन, थाईलैंड और कई अन्य देशों में भी महसूस किए गए हैं।
सागाइंग के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.7 थी और यह स्थानीय समय (GMT +6:30) के अनुसार दोपहर 12:50 बजे के आसपास, सागाइंग से लगभग 16 किमी (10 मील) उत्तर-पश्चिम में, मोन्यवा शहर के पास आया। भूकंप का केंद्र 10 किमी (6.2 मील) की उथली गहराई पर था, जिसने संभवतः इसके प्रभाव को और बढ़ा दिया। इसके तुरंत बाद उसी क्षेत्र में 6.4 तीव्रता का एक बड़ा झटका भी आया है। खबरों के अनुसार म्यांमार में भारी नुकसान हुआ है। खासकर राजधानी नेपीटा में, जहां सड़कें टूट गईं और इमारतों की छतें ढह गईं। सोशल मीडिया पोस्ट और चश्मदीदों के मुताबिक देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले में भी कई इमारतें ढह गईं।

1934 में बनी ऐतिहासिक अवा ब्रिज टूटा
1934 में बनी ऐतिहासिक ओवर ब्रिज भी इस भूकंप में टूट गया है। ये ब्रिज 1,128 मीटर लंबी था और इरावदी नदी पर बना था। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध की वजह से संचार सीमित है और इसी कारण भूकंप से इस तबाही का पूरा ब्यौरा तुरंत नहीं मिल पाया है। इस भूकंप के झटके आसपास के देशों में भी महसूस किए गए हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप के बाद अफरा-तफरी मच गई। यहां काफी देर तक जमीन हिलती रही। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो पोस्ट किए गए हैं जिनमें ऊंची इमारतों पर बनें स्वीमिंग पूल का पानी गिरता हुआ दिख रहा है। बैंकॉक में एक निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत के ढहने की खबर है, जिसमें 43 मजदूर फंस गए। यहां बचाव कार्य जारी है।
थाईलैंड तक भूकंप के झटके महसूस
थाईलैंड के चियांग माई और वियतनाम के हनोई और हो ची मिन्ह सिटी तक शक्तिशाली झटके महसूस किए गए। म्यांमार के जिस इलाके में ये भूकंप आया है वह ऐसी घटनाओं के लिए संवेदनशील है। ये भूकंपीय गतिविधि सागाइंग फॉल्ट और सुंडा मेगाथ्रस्ट के पास के स्थान से जुड़ी है। यह भूकंप हाल के वर्षों में सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। इससे पहले 2016 में बागान में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकपं में तीन लोगों की मौत हुई थी। म्यांमार की मौजूदा अस्थिरता, 2021 के तख्तापलट से लाखों लोगों के विस्थापन और चल रहे संघर्ष को देखते हुए, यह आपदा पहले से ही गंभीर मानवीय स्थिति को और खराब कर सकती है। भूकंप के बाद के हालात का आंकलन जारी है और पूरा ब्यौरा मिलने में अभी वक्त लगेगा।