नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि मोबाइल चार्जर का रंग सफेद या काला ही क्यों होता है? दरअसल, चार्जस को काला या सफेद बनाने में बहुत लॉजिक लगाया गया है और बहुत सोच समझकर चार्जर का कलर सफेद या काला रखा गया है।
ये भी पढ़े: हरियाणवी डांसर सपना चौधरी और उनके परिवार पर उनकी भाभी ने लगाया दहेज उत्पीड़न का आरोप।

काले रंग का चार्जर बनाने के पीछे तर्क यह है कि यह रंग अन्य रंगों की तुलना में काला रंग गर्मी को ज्यादा अब्जॉर्ब करता है। काले रंग को एक आइडियल एमिटर कहा जाता है और माना जाता है। इसका इमिशन वैल्यू 1 होता है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि ब्लैक कलर मैटेरियल सस्ता होता है अन्य रंगों के मैटेरियल की तुलना में। यही कारण है कि चार्जर काले रंग के बनाए जाते हैं। वहीं, व्हाइट कलर में कम रिफ्लेक्ट कैपेसिटी है। यह रंग बाहर से आने वाली गर्मी को अंदर नहीं पहुंचने देता है। यह इसे कंट्रोल करता है। इसलिए चार्जर का रंग सफेद रखा जाता है।
Edit By Deshhit News