78 साल की बुजुर्ग महिला पुष्पा मुंजियाल ने अपनी 50 लाख की संपत्ति के अलावा 10 तोला सोना भी राहुल गांधी के नाम कर दिया है. राहुल गांधी के नाम अपनी प्रॉपर्टी करने का वसीयतनामा पुष्पा ने देहरादून कोर्ट में पेश किया है.
नई दिल्ली: उत्तराखंड की एक बुजुर्ग महिला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम अपनी वसीयत लिख दी है. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया ये खबर वायरल हो गई. कांग्रेस समर्थकों ने उनके फैसले की तारीफ की. यह फैसला लेने वाली महिला का नाम पुष्पा मुंजियाल है. वे 78 साल की हैं और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रेम धाम, 25 नेहरू रोड, दालानवाला में रहती हैं.

बुजुर्ग महिला के नाम सम्पति के नाम पर कुल 50 लाख से ज्यादा की एफडी और ज्वेलरी है, जिसके हकदार अब राहुल गांधी होंगे. खास बात यह है कि यह महिला खुद वृद्धाश्रम में रहती हैं. पुष्पा बताती हैं कि पिछले 9 वर्षों से उन्होंने जो भी बैंक में एफडी कराई है, उसमें एफडी के नॉमिनेशन में राहुल गांधी का नाम भी पहले से ही डलवाया हुआ है.
पुष्पा चाहती थीं कि राहुल गांधी जब शादी करेंगे तो यह ज्वैलरी राहुल गांधी की पत्नी को भेंट करेंगी. अपनी संपत्ति राहुल गांधी के नाम करने के पीछे पुष्पा मुंजाल ने बताया की राहुल गांधी बेहद सरल और सीधे हैं, लोग उन्हें बेवजह परेशान करते हैं, राहुल गांधी बहुत भोले हैं और वह उनसे प्रभावित हैं. वह राहुल गांधी से प्रभावित हैं और उनको अपने बेटे की तरह मानती हैं.

पुष्पा बताती हैं कि उनके परिवार में उनके माता-पिता का देहांत बहुत पहले हो चुका है. उनके एक भाई का भी कैंसर से देहांत हो गया अब सिर्फ उनकी एक बहन है, जिसकी बहुत पहले शादी हो चुकी है. हालांकि अपनी संपत्ति राहुल गांधी के नाम करने पर उनका कहना है कि उनकी बहन को किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है मेरा फैसला सभी को मंज़ूर है.

गांधी परिवार ने देश के लिए दी कुर्बानी

बुजुर्ग महिला के राहुल के नाम संपत्ति करने के मामले में देहरादून कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने कहा कि महिला ने राहुल गांधी के नाम अपनी सम्पत्ति का वसीयतनामा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को उनके आवास पर जाकर सौंप दिया है. शर्मा ने बताया कि महिला ने कहा कि राहुल गांधी के परिवार ने देश की आजादी से लेकर आज तक हमेशा आगे बढ़कर देश के लिए अपनी सर्वोच्च कुर्बानी दी है. चाहे इन्दिरा गांधी हों, चाहे राजीव गांधी हों. उन्होंने इस देश की एकता और अखण्डता के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी दी है.