Bihar bullet train: बिहार में एडवांस ट्रांसपोर्ट अरेंजमेंट डेवलप करने के लिए बुलेट ट्रेन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। गया जिले में इस हाई-स्पीड ट्रेन के संचालन को लेकर 43 गांवों में भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह परियोजना न केवल बिहार के लोगों को तेज़ और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव देगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बुलेट ट्रेन के लिए भूमि सर्वेक्षण शुरू
मेट्रो सर्वे के बाद अब बिहार सरकार और रेलवे मंत्रालय ने मिलकर गया जिले में बुलेट ट्रेन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज कर दी है। पहले चरण में उन इलाकों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां से यह हाई-स्पीड ट्रेन गुजरेगी।
गया जिला प्रशासन को भेजी गई गांवों की लिस्ट
NHSRCL (नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने गया जिला प्रशासन को उन गांवों की सूची भेजी है, जहां से बुलेट ट्रेन का रूट गुजरेगा। इन गांवों के भूमि मालिकों की पहचान कर जिला प्रशासन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहा है। रेलवे मंत्रालय और NHSRCL विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहे हैं। इसमें रूट, भूमि अधिग्रहण, वित्तीय बजट और निर्माण की रूपरेखा तय की जाएगी। परियोजना के अगले चरण में आवश्यक अनुमति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
किन इलाकों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन?
बिहार के गया जिले में बुलेट ट्रेन के लिए 43 गांवों को चिन्हित किया गया है। ये गांव छह प्रमुख प्रखंडों – टनकुप्पा, मानपुर, खिजरसराय, फतेहपुर, बोधगया और डोभी में आते हैं।
प्रमुख प्रखंड और गांव जो होंगे प्रभावित
टनकुप्पा प्रखंड: दरजियाचक, ढीवर, इचौई, सदाबहा, शिला, अकुरहवा, बरसौना, विलंदपुर।
मानपुर प्रखंड: अमरी, बारा, बरेबा, बैजलेट, दुमैला, बारागंधार, गेरे, ईग्ना, लखनपुर, मंझौली, नौघरिया, रसलपुर, सोहैबपुर।
खिजरसराय प्रखंड: बाना, बीजोपुर, खिजरसराय, लालगंज, लोदीपुर, मकसूदपुर, मोकामचक, नगरियावां, नौडीहा, रौनिया।
फतेहपुर प्रखंड: डुमरीचट्टी, जयपुर, जम्हेता, कठौतिया, खिरा, मनहोना, मानपुर, पहाड़पुर, रातोखुर्द।
बोधगया प्रखंड: लोहाचकरी।
डोभी प्रखंड: मनुहरी।
जिला प्रशासन भूमि रिकॉर्ड की कर रहा जांच
बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए निजी और सरकारी भूमि की पहचान की जा रही है। जिला प्रशासन भूमि रिकॉर्ड की जांच कर किसानों और अन्य भूमि मालिकों को नोटिस जारी कर रहा है। कई स्थानीय लोग इस परियोजना को लेकर उत्साहित हैं क्योंकि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हालांकि, कुछ किसानों को अपनी जमीन खोने की चिंता भी है, जिसे सरकार उचित मुआवजा देकर हल करने की योजना बना रही है। बुलेट ट्रेन से पटना और गया के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।