भारत के स्टार जैवलिन थ्रोवर नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग 2022 के फाइनल मुकाबले को जीता था। यहां उन्होंने 88.44 मीटर का थ्रो फेंककर यह खिताब अपने नाम किया। बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी भारतीय खिलाड़ी ने डायमंड लीग खिताब अपने नाम किया हो।
नई दिल्ली: 24 दिसंबर को 25 अंतराष्ट्रीय खेलों में देश को गौरवान्वित करने वाले नीरज चोपड़ा का आज 25 वां जन्मदिन है। नीरज ओलंपिक में व्यक्तिगत तौर पर गोल्ड मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। नीरज चोपड़ा से पहले अभिनय बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में भारत को पहला व्यक्तिगत गोल्ड दिलाया था। इसके साथ ही नीरज ने सिर्फ स्वर्ण पदक ही नहीं बल्कि एथलेटिक्स में भारत के लिए पहला पदक भी जीता। आइए उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन के मुख्य पहलुओं के बारे में जानते हैं…
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नीरड चोपड़ा की शिक्षा

नीरज चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हरियाणा से ही की है। जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद नीरज चोपड़ा ने स्नातक की डिग्री हासिल की।
महज 11 साल की उम्र में नीरज को जैवलिन में आ गई थी रुचि

नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 में हुआ था। इनके पिता का नाम सतीश कुमार और माता का नाम सरोज देवी हैं। नीरज चोपड़ा हरियाणा के एक छोटे से गांव खांद्रा में हुआ था। इनके पिता की बात करें तो यह पेशे से किसान हैं। महज 11 साल की उम्र से ही नीरज को जैवलिन में रुची आनी शुरू हो गई थी। नीरज एथलीट होने के साथ-साथ भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर भी कार्यरत हैं। सेना में इनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस के बाद से इन्हें सेना में विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मान किया जा चुका हैं।
2016 में नीरज ने दिखाई थी दुनिया को अपनी पहली झलक

नीरज ने पहली बार दुनिया को अपनी झलक 2016 में दिखाई थी, जब वह सिर्फ 19 साल के थे। उन्होंने U20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में 86.48 का थ्रो कर रिकॉर्ड बुक को हिला कर रख दिया। गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में आयोजित एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर नीरज ने दुनिया के दिग्गजों को चुनौती देना शुरू कर दिया। साल 2021 में आयोजित टोक्टो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर नीरज ने देशवासियों की उम्मीदें बढ़ा दी।
नीरज चोपड़ा की उपलब्धियां
- 2016 में, 19 वर्षीय नीरज ने वर्ल्ड अंडर -20 चैंपियनशिप, पोलैंड में 86.48 मीटर का जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड थ्रो बनाया।

2. 2017 में, उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप, भुवनेश्वर में खिताब का दावा किया। उसी वर्ष, वह IAAF डायमंड लीग में 7वें स्थान पर आए। अगले वर्ष, उन्होंने ऑफेनबर्ग स्पीयरवर्फ बैठक, जर्मनी में रजत पदक का दावा किया।
3 उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स, ऑस्ट्रेलिया में भी स्वर्ण पदक जीता था। हरियाणा थ्रोअर ने उस वर्ष सोटेविले एथलेटिक्स मीट, फ्रांस, सावो गेम्स, फिनलैंड और एशियाई खेलों, जकार्ता में 3 और स्वर्ण पदक जीते।

4. 2020 में, नीरज फिनलैंड के कोर्टेन गेम्स में तीसरे स्थान पर रहे। इस उपलब्धि ने उन्हें 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।नीरज टोक्यो ओलंपिक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे। टोक्यो ओलंपिक 2020 इवेंट के अंतिम दौर में, नीरज चोपड़ा पहले प्रयास में 87.03 फिर दूसरे प्रयास में 87.58 और तीसरे प्रयास में 76.79 मीटर के स्कोर के साथ बोर्ड का नेतृत्व करते हैं और इसी स्कोर के साथ उन्होंने भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक 2020 का पहला गोल्ड मेडल जीता। नीरज टोक्यो ओलंपिक 2020 में भाला फेंक स्पर्धा में ट्रैक और फील्ड में ओलंपिक पदक जीतने वाले 100 वर्षों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले एथलीट बन गए।
5. भारत के स्टार जैवलिन थ्रोवर नीरज चोपड़ा डायमंड लीग 2022 के फाइनल मुकाबले को जीता था। यहां उन्होंने 88.44 मीटर का थ्रो फेंककर यह खिताब अपने नाम किया। बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी भारतीय खिलाड़ी ने डायमंड लीग खिताब अपने नाम किया हो।
नीरज चोपड़ा के नाम दर्ज रिकॉर्ड
- नीरज चोपड़ा ने अपना पहला मेडल 2012 में लखनऊ में आयोजित अंडर 16 नेशनल जैवलिन थ्रो चैंपियनशिप में हासिल किया था।

- इसके बाद 2013 में नेशनल यूथ चैंपियनशिप में दूसरा स्थान पाने के साथ उन्होंने आईएएएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना स्थान बनाया।
- 2015 में इंटर यूनिवर्सिटी जैवलिन थ्रो कंपटीशन में 80 मीटर भाला फेंक कर यूनिवर्सिटी का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
- इसके बाद 2016 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 86 मीटर भाला फेंककर उन्होंने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक नया रिकॉर्ड कायम किया और गोल्ड मेडल हासिल किया।
- इसके बाद 2016 में ही साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया।
- साल 2018 में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.4 मीटर भाला फेंक कर गोल्ड मेडल हासिल किया।
- इसके बाद साल 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में 88 मीटर भाला फेंक कर फिर एक गोल्ड मेडल हासिल किया।

- नीरज चोपड़ा एक ही साल में कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बने। इससे पहले यह काम केवल मिल्खा सिंह ने 1958 में किया था।
- इसके बाद साल 2020 में टोक्यो ओलंपिक आयोजित किया गया। जहां नीरज चोपड़ा ने 87.5 मीटर भाला फेंककर ओलंपिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
- इसके बाद जुलाई 2022 में उन्होंने वर्ल्ड एथलीट चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया।
नीरज चोपड़ा के जीवन की रोचक बातें

- नीरज चोपड़ा ने 2016 के साउथ एशियाई गेम्स में भाले को 82.23 मीटर दूर फेंक कर स्वर्ण पदक जीता था। उस जीत के साथ भाले को सबसे दूर फेंकने का भारतीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
- भाला फेंक में भारतीय रिकॉर्ड आज भी नीरज के नाम ही है। नीरज ने दोहा डायमंड लीग में भाले को 87.43 मीटर दूर फेंका था।

- नीरज ने एशियाई एथलेटिक चैंपियनशिप 2017 में भी गोल्ड मैडल जीता था। नीरज चोपड़ा ने इस साल का विश्व का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा, नीरज ने 86.47 मीटर दूर भाला फेंका।
- चोपड़ा 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पहले भाला फेंक स्वर्ण पदक विजेता बने।
- नीरज का पहला एथलीट जान जेलेजनी है, जो एक सेवानिवृत्त चेक ट्रैक और फील्ड एथलीट है।

- उनके पसंदीदा राजनेता नरेंद्र मोदी हैं।
- उवे होन नीरज चोपड़ा के कोच हैं। वे जर्मनी के पेशेवर जैवलीन थ्रो एथलीट रह चुके हैं। नीरज चोपड़ा के शानदार प्रदर्शन में उनके कोच उवे होन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
Edit By Deshhit News