पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने संसद भंग करने के मामले पर की सुनवाई पूरी कर ली है. अभी फिलहाल के लिए कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने अपनी सुनवाई करते हुए यह भी कहा कि नेशनल असेंबली के स्पीकर को इतनी जल्दी प्रस्ताव वापिस नही करना चाहिए था.
नई दिल्ली: पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने संसद भंग करने के मामले पर की सुनवाई पूरी कर ली है. अभी फिलहाल के लिए कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने अपनी सुनवाई करते हुए यह भी कहा कि नेशनल असेंबली के स्पीकर को इतनी जल्दी प्रस्ताव वापिस नही करना चाहिए था ये पकिस्तान के संविधान के आर्टिकल 95 का उल्लंघन है.

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ यह फैसला आज रात करीब आठ बजे सुनाया जा सकता है. वहीं, इसके पहले कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान इमरान खान को बड़ा झटका लगा था. जियो न्यूज और डॉन के अनुसार कोर्ट ने कहा है कि तीन अप्रैल को नेशनल असेंबली में डिप्टी स्पीकर ने जो फैसला सुनाया वो गलत था.
एआरवाई न्यूज के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की बेंच में शामिल जस्टिस जमाल खान मंडोखेल ने कहा कि 3 अप्रैल को जो नेशनल असेंबली में विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था उसको असंवैधानिक तरीके से डिप्टी स्पीकर ने वापिस कर दिया था तो उस पर स्पीकर असद कैसर के साइन थे न कि कासिम सूरी के. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वो आज ही अपना अंतिम फैसला सुनाएगा. इस बीच सुप्रीम कोर्ट के बाहर अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई है, और साथ ही अतिरिक्त फोर्स भी बुलाई गई है. सुप्रीम कोर्ट की ओर वही आ सकता है जिसके पास कोई लिखित आदेश होगा या फिर वो किसी केस से संबंधित होगा.

इससे पहली की सुनवाई में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने कल कहा था कि पाकिस्तान नेशनल असेंबली में विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं कराना असंवैधानिक है साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो वो नेशनल असेंबली में दखल दे सकता है. इमरान खान की पार्टी को अंदाजा है कि कोर्ट उनके विपक्ष में भी फैसला सुना सकी है.

इमरान सरकार के कई नेताओं के सुर बदलते हुए दिख रहे हैं. पीटीआई नेता फैसल वावड़ा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट अगर फैसला बिना साजिश के कर दे तो हम उसे स्वीकार कर लेंगे. सुप्रीम कोर्ट का हर फैसला सर आंखों पर है.